अरदास हमारी है आधार तुम्हारा है,

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

अरदास हमारी है आधार तुम्हारा है,

स्वीकार करो बाबा, प्रणाम हमारा है,

नैनो में रमे हो तुम मेरे दिल में बसे हो तुम,

तुझे पल भी ना बिसरावउँ इस तन में रमे हो तुम,

मत मुझसे बिछुड़ जाना ये दास तुम्हारा है,

स्वीकार करो बाबा प्रणाम हमारा है,

अरदास हमारी है........

बिन सेवा किये तेरी मुझे चैन ना आता है,

बिन ज्योति लिए तेरी मेरा मन धड़काता है,

होठों पे रहे तेरा एक नाम तुम्हारा है,

स्वीकार करो बाबा प्रणाम हमारा है,

अरदास हमारी है..........

मेरी जीवन नैया को तेरा ही सहारा है,

तुम मात पिता मेरे और सतगुरु प्यारा है,

नैया का खिवैया तू तू कृष्ण हमारा है,

स्वीकार करो बाबा प्रणाम हमारा है,

अरदास हमारी है.........

अर्जी स्वीकार करो भवसागर पार करो,

सर हाथ फिराकर के मेरा उद्धार करो,

गिरते को उठाना तो प्रभु काम तुम्हारा है,

स्वीकार करो बाबा प्रणाम हमारा है,

अरदास हमारी है...........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।