मरघट वाले बाबा तेरी आरती गाऊ

पारंपरिक
हनुमान जी आरती हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मरघट वाले बाबा तेरी आरती गाऊ,

आरती गाऊ तेरी जोत जगाऊ,

मरघट वाले बाबा तेरी आरती गाऊ,

लाल लंगोटा तेरे अंग विराजे,

गल पुष्पों की माला साजे,

निशदिन तेरी मैं जोत जगाऊ,

मरघट वाले बाबा तेरी आरती गाऊ,

यमुना तट बाबा धाम तुम्हारा,

भक्तो के मन को लगता प्यारा,

रोट सिंधुर और प्रशाद चडाहू

मरघट वाले बाबा तेरी आरती गाऊ,

महिमा तेरी बाबा जग में निराली,

सब संतो को लगती प्यारी,

अपने बाबा के मैं बारी बारी जाऊ,

मरघट वाले बाबा तेरी आरती गाऊ,

लाल लंगोटा तेरे अंग विराजे,

गल पुष्पों की माला साजे,

निशदिन तेरी आरती मैं गाऊ,

मरघट वाले बाबा तेरी आरती गाऊ,

कानो में कुंडल तेरे अटक विराजे,

हाथ में गधा तेरे संग विराजे,

अपने बाबा को मैं शीश निभाऊ,

मरघट वाले बाबा तेरी आरती गाऊ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।