शुकरीयाँ शुकरीयाँ मेरी दाती

मास्टर सलीम
श्री कृष्ण भजन दुर्गा भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

शुकरीयाँ शुकरीयाँ मेरी दाती तेरा शुकरीयाँ,

शुकरीयाँ शुकरीयाँ शेरावाली तेरा शुकरीयाँ,

तूने चरणों से लगाया मेरे सर पे तेरा साया,

इसे कायम रखना बस तेरी मेहरबानी है,

शुकरीयाँ शुकरीयाँ मेरी दाती तेरा.....

शुकरीयाँ शुकरीयाँ कृष्ण तेरा शुकरीयाँ

तूने माखन भी चुराया मुझे बंसी से भर माया,

बस चरणों में रखना बस तेरी मेहरबानी है,

शुकरीयाँ शुकरीयाँ मेरे दाता तेरा शुकरीयाँ,

मुरली बजी मेरे कान्हा वाली ते ओहदी तान मेरे कन आई,

एसी मुरली दी तान सुनी नि अडियो,

ता मैं भज कृष्ण वल आई,

शुकरीयाँ शुकरीयाँ मेरे दाता तेरा शुकरीयाँ,

क्या औकात थी इतनी मेरी,

तेरा कर्म है माये मेरी,

तूने चरणों से लगाया हमे गायक भी बनाया,

बस सुर में रखना बस तेरी मेहरबानी है,

शुकरीयाँ शुकरीयाँ मेरी दाती तेरा शुकरीयाँ,

तेरे चरणों में दुनिया मेरी,

तेरी रहमत है बकशीश मेरी,

तूने चरणों से लगाया मेरे सर पे तेरा साया,

इसे कायम रखना बस तेरी मेहरबानी है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।