रात मैया जी मेरे सपने में आई

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

रात मैया जी मेरे सपने में आई,

दर्शन दे गयी सारा रारा रारा रारा।

चुनरी जब माता को ओडाई,

चुनरी बोली फर रर रर रर।

चुडिया जब माँ को पहनाई,

चुदिया बोली खान नाना नाना नाना।

पायल जब माँ को पहनाई,

पायल बोली छन नाना नाना नाना।

‘हर्ष पार्थ’ की निंदिया खुल गयी,

निंदिया बोली अर रर रर रर।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।