ढोल नगाड़े बाजे बाजे शहनाइयां

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ढोल नगाड़े बाजे बाजे शहनाइयां,

श्याम भजन की भक्तो तुमको हो वदाहियाँ,

रंग भक्ति में रंग के भगतो आज न बिकुल शर्माओ,

बनके दीवाने श्याम प्रभु के नाम की धुन में खो जाओ,

श्याम शरण में होगी आज सुनवाइयां,

श्याम भजन की भक्तो तुमको हो वदाहियाँ,

चढ़ी रहे ये नाम की गंगा बहती रहे ये धारा,

हो सकता है ये अवसर मिले न तुमको दोबारा,

खुशियों के संग चले पुरवाहियाँ,

श्याम भजन की भक्तो तुमको हो वदाहियाँ,

जीवन रोशन हो जाये अपना करलो नेक कमाई,

किस्मत वाले सब भक्तो ने दर पे रौनक लगाईं,

नाम की दौलत पाई कर्ली खूब कमाइयाँ,

श्याम भजन की भक्तो तुमको हो वदाहियाँ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।