खाटू वाले श्याम को घर पे भुलाया है,

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सब भगतो ने मिलकर ये दरबार सजाया है,

खाटू वाले श्याम को घर पे भुलाया है,

आएगा बाबा घर मेरे होगी ख़ुशी भारी,

सामने बैठे है श्याम दातारि,

बर्षो की मन्नत थी हो गई पूरी,

कोई भी आस मेरी रहे न अधूरी,

बहुत कमी हो तो माफ़ कर देना,

अफसर पर मेरे हाथ दर देना,

तेरी ही किरपा से बाबा ये शुभ दिन आया है,

खाटू वाले श्याम को घर पे भुलाया है,

अब के फागण मेले में है मेरी तयारी,

सोच रहा था बाबा मैं कब आये मेरी वरि,

हाथो में निशान तेरा बोलू मैं जैकारा,

हारे का सहारा है बाबा मेरा,

मैं श्याम कुंड में जा कर मैं मल मल के नहाउ,

मैं अपनी काया को निर्मल बनाऊ,

श्याम सच्चे मन से चरणों में निशान चढ़ाया है,

खाटू वाले श्याम को घर पे भुलाया है,

आना जाना लगा रहे होती रहे मुलाकात,

जन्म जन्म तक बना रहे बाबा तेरा साथ,

जीतू तेरे भजन लिखे इसकी क्या औकात तेरी ही किरपा से पाई है सौगात,

जबसे बाबा तुमसे प्रीत लगाई,

तुमने भी बाबा क्या खूब निभाई,

सोनम की बाबा तेरी शरण में आया है,

खाटू वाले श्याम को घर पे भुलाया है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।