ये विश्वाश मुझे है

नंदू जी महाराज
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे सिर पर सदा रहेगा श्याम तुम्हारा साथ ये विश्वाश मुझे है,

श्याम खाटू वाले घनश्याम मुरली वाले,

हमने तो अपनी नैया करदी तेरे हवाले,

श्याम खाटू वाले घनश्याम मुरली वाले,

हमने तो अपनी नैया करदी तेरे हवाले,

पार लगे गई दुबे गी ना तुझसा माजी पाया ये विश्वास मुझे है,

तूफ़ान उठ रहा है कश्ती हो डस रहा है,

कानो में मेरे मोहन इक शोर मच रहा है,

मैं तो निचिता निर्भय रहता तुझसा साथी पाया ये विश्वाश मुझे है,

किस खौफ से डरु मैं किस बात से डरु मैं,

तू है मेरा मिहगबा अलमस्त सा फिरू मैं,

नंदू तुझको पा कार बाबा रोम रोम हर्षाया ये विश्वाश मुझे है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।