पग पग पर दिया सहारा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कभी आया साथी बनकर कभी आया माझी बनकर,

पग पग पर दिया सहारा कई रूप में तूने आकर,

जय श्री श्याम श्री श्याम श्री श्याम,

खाटू वाले बाबा जय श्री श्याम.

जब माँ की याद थी आई गोदी में तूने बिठाया,

जब पिता को याद किया तूने सिर पे हाथ फिराया,

कंधे से कन्धा मिलाया तूने मेरा भाई बनकर,

पग पग पर दिया सहारा कई रूप में तूने आकर,

जब सिर पे मेरे बाबा दुःख के बदल मंडराए,

जो फूल थे मन बगियाँ के बाबा सारे मुरझाये,

पट झड़ में बहारे ला दी बाबा तूने माली बंक कर,

पग पग पर दिया सहारा कई रूप में तूने आकर,

जिस प्यार की खातिर बाबा जन्मो से थामे प्यासा,

शाम कहे तुझे पाकर के पूरी हुई वो अभीलाशा,

पत्थर को हीरा बनाया बाबा तूने जोहरी बन कर,

पग पग पर दिया सहारा कई रूप में तूने आकर,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।