मन मंदिर है दवारकामाई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन साईं भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मन मंदिर है दवारकामाई,

जिसमे रहते है बाबा साई,

साई साई तू बोल मन मंदिर तो खोल,

तुझे मिल जायेगे राम साई

तन है तेरा शिरडी गाउ साई सत्संग है नीम की छाओ,

प्रेम सबसे करो साई ध्यान धरो साई बाबा की है सौगात,

एक हाथ है शरधा सबुरी दूजा तेरा हाथ,

मन मंदिर है दवारकामाई,

जिसमे रहते है बाबा साई,

साई तेरे हज़ारो हाथ तू न मने कोई जाट पात,

हिन्दू हो या मुस्लमान साई रखते सबका मान,

साई की फकीरी है श्याम,

वही राम रेहमान भक्तो तुम लो ये जान,

मन मंदिर है दवारकामाई,

जिसमे रहते है बाबा साई,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।