कोई पिछले जनम के अच्छे कर्म

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॥ पावन पाठ ॥

कोई पिछले जनम के अच्छे कर्म मुझे सतगुरु तेरा प्यार मिला,

यहाँ सारी दुनिया झुकती है मुझे आली दरबार मिला,

कोई पिछले जनम के अच्छे कर्म.....

जग के झूठे नाते देखे देखा ना सच्चा प्यार कही,

यहाँ दिल को आकर चैन मिले है वो आली दरबार यही,

सतगुरु मुझको मिल गया एसा,

कोई हुआ न होगा इस जैसा,

यहाँ सारी दुनिया झुकती है मुझे आली दरबार मिला,

कोई पिछले जनम के अच्छे कर्म.....

कोई और हमें अब क्या देगा इस दर से मैंने जो पाया है,

जिसको तरसे सारी जन्नत मेरे सिर पर वो साया है,

रब रूप दारके आया है उनमे रब का दीदार मिला,

यहाँ सारी दुनिया झुकती है मुझे आली दरबार मिला,

कोई पिछले जनम के अच्छे कर्म.....

शरदा से जो इनके दर बेठे उसने तो सब कुछ पाया है,

धन दोलत चरणों की दासी संसार भी फीकी माया है,

इनसे तो इनको ही मानगो ये मिले तो सब संसार मिला,

यहाँ सारी दुनिया झुकती है मुझे आली दरबार मिला,

कोई पिछले जनम के अच्छे कर्म.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।