कुंडला वालेया ज़रा आँख मिलायी

पूनम यादव
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कुंडला वालेया ज़रा आँख मिलायी ओये,

मैं वी आयी आ क्यों नीवी पायी ओये,

लोकी कहंदे तू भोलियाँ नु ठगदा ओये,

पर मैं की करा तू मेनू सोहना लगदा ओये,

सवाली सूरत ने मेरी सूरत घुमाई ओये,

मैं वी ..........

माला जपदी आ मन मेरा टिकदा नहीं,

किदरो ले आवा तू हटियो विकदा नहीं,

दस मैं की करा मेरी जान ते आई ओये,

मैं वी आई .....

तीर विछोड़े दिल मेरे सीने वडदे ने,

जे मैं रोंदी आ लोकी टीचरा करदे ने,

तेरे नाम बिना ,एरी ज़िन्द कुमलाई ओये,

मैं वी........

जन्मा जन्मा तो मेरी अखिया प्यासी ओये,

हर वारी भूल जांदा मैं तेरी श्री हरिदासी ओये,

गेहड़ चौरासी दे ओये विच ना हुन पायी ओये,

मैं वी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।