जानता है सब हाल तू मेरे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जानता है सब हाल तू मेरे,

फिर भी आकर द्वार पे तेरे,

फरियाद मै करूँगा,

जानता है सब हाल तू मेरे,

आदि भी तू मध्य भी तू,

अंत भी तू अनंत भी तू,

भोलेनाथ,,,

मेरे नाथ आकर तेरे द्वार,

फरियाद मै करूँगा....

मन में जपूँ नित हरी ॐ,

तुझ बिन कौन समझेगा मोए,

भोलेनाथ,,,

मेरे नाथ आकर तेरे द्वार,

फरियाद मै करूँगा.....

कहता पवन हे त्रिनयन,

हर तर्षण दे दर्शन,

भोलेनाथ,,,

मेरे नाथ आकर तेरे द्वार,

फरियाद मै करूँगा...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।