हम से रूठो ना बाबा

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

हम से रूठो ना बाबा मैं विनती करू हम है बालक भूल हो जाती है,

लाओ लगन राम की युही रोशन रहे हम तो मूरख है भूल हो जाती है,

हम से रूठो ना बाबा.....

बेसहारो के तुम को सहारा यहाँ सारे किस्मत के मारे ही आते यहाँ,

तुमतो दाता हो हम है भिखारी प्रभु इंसान है भूल हो जाती है,

हम से रूठो ना बाबा.....

मुझको मक्का मदीना मिला है याहा,

काशी मथुरी और सारे तीरथ याहा,

मैं लगाउ गा माथे बभूति वही तेरे चरणों की अगर धूल मिल जाती है,

हम से रूठो ना बाबा.....

यु न रूठो साई दो सहारा मुझे वार्ना दर पे तेरे दम निकल जायेगा,

यु न रूठो साई दी सहारा मुझे वरना दर पे तेरे दम निकल जायेगा,

मुझको चरणों से अपने जुदा मत करो भूल कर भी अगर भूल हो जाती है,

हम से रूठो ना बाबा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।