मेरे चाहने से पहले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे चाहने से पहले मुझको सब कुछ मिल जाता है,

जो काम बनता ना था आज बन जाता है,

श्याम जो मिला है मुझे श्याम जो मिला है,

जब से श्याम पे भरोसा किया है,

इसने भरोसे को पका किया है,

जब भी मंजिल से अपनी मैं भटका,

बाबा ने पल मुझे रस्ता दिया है,

मेरे हारने से पहले लीले पे चढ़ के आ जाता है,

जो काम बनता ना था आज बन जाता है,

मैं न देखे कभी मौसम सुहाने,

अपनों को देखा सदा बनते बेगाने,

इनकी किरपा से मिली मुझको बहारे,

देखू हर शह में श्याम दीवाने,

कोई आये ना आये रिश्ता ये हर एक निभा जाता है,

जो काम बनता ना था आज बन जाता है,

कर्मो की रेखा नही मेरी बड़ी है,

फिर भी नजरे इनकी मुझपे गडी है,

मोहित इनके सिवा न कोई दूजा,

कहता ये दुनिया को वो हर गद्दी है,

इनकी किरपा से निर्मल होके मेरा मन ये गाता है,

जो काम बनता ना था आज बन जाता है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।