तेरी पूजा कलयुग में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरी पूजा कलयुग में घर घर होगी शीश के दानी,

गूंज रही तीनो लोको में आज भी कृष्ण की वाणी,

तेरी पूजा कलयुग में घर घर होगी शीश के दानी

जो इस जग में सब कुछ हारा,

उसका बनेगा तू ही सहारा,

तेरी किरपा जिस पर भी होगी,

बदलेगी ज़िंदगानी,

तेरी पूजा कलयुग में घर घर होगी शीश के दानी

जो भी भी भरोसा तुझपे करेगा,

उसकी तो चिंता तू ही करेगा,

पार हो नैया जिसकी तूने डोर हाथ में थामी,

तेरी पूजा कलयुग में घर घर होगी शीश के दानी

एहसान तेरे कैसे भुलाऊ कर्ज है इतने कैसे चुकाऊ,

अमन बागड़ा यु ही सुनाये सबको तेरी कहानी,

तेरी पूजा कलयुग में घर घर होगी शीश के दानी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।