ये धरती प्रभु तुम्हारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ये धरती प्रभु तुम्हारी और ये आकाश तुम्हारा,

हे इस संसार के स्वामी है हमको तेरा सहारा,

जय श्री श्याम श्री श्याम श्री श्याम,

है फूल में खुशभू तेरी जो सबको महकाती है,

कण कण में वास है तेरा ये माटी बतलाती है,

जो काल सभी को मारे वो काल भी तुजसे हारा,

हे इस संसार के स्वामी है हमको तेरा सहारा,

ये धरती प्रभु तुम्हारी....

गरजिश में हो जब तार तो बनते आप सहारे,

दुखियो के सुखी बनाते मेरे बाबा खाटू वाले,

कलयुग में तेरी महिमा चाहे बाबा आज पसरा,

हे इस संसार के स्वामी है हमको तेरा सहारा,

ये धरती प्रभु तुम्हारी....

ये पायल की जो छम छम तुमसे ही होती है,

अगर दया तेरी हो जाए माटी के कण मोती है,

चींटी और हाथी दोनों तेरी दया से करे गुजरा,

हे इस संसार के स्वामी है हमको तेरा सहारा,

ये धरती प्रभु तुम्हारी....

मैं जो भी हु प्रभु तुमसे तुम हो मेरे प्राण अधारे

तेरी दया हमेशा चाहे तेरा सूंदर श्याम पुकारे,

तेरा गन घर घर गाउ बना कर के बंजारा,

हे इस संसार के स्वामी है हमको तेरा सहारा,

ये धरती प्रभु तुम्हारी....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।