सांवरे सलोने से जबसे मेरी प्रीत हो गयी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सांवरे सलोने से जबसे मेरी प्रीत हो गयी,

हारा हुआ था मैं अब तो मेरी जीत हो गई,

फागुन में पहली बार हाथो में निशान ले गया,

उस दिन से सांवरियां हमपे मेहरबाण हो गया,

ज़िंदगी से दूर सारी मेरी तकलीफ हो गई,

हारा हुआ था मैं अब तो मेरी जीत हो गई.....

जिस दिन किया कीर्तन घर में अपनी पहली बार,

श्याम के संग मिला हमको नया परिवार,

भजनो की ये दुनिया मेरी मन मीत हो गई,

हारा हुआ था मैं अब तो मेरी जीत हो गई...

जिस दिन से भजनो को श्याम तेरे गाने लगा,

उस दिन से सपनो में श्याम मेरे आने लगा,

सुर ताल से सज के ज़िंदगी संगीत हो गई,

हारा हुआ था मैं अब तो मेरी जीत हो गई,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।