चल चला चल ओ भगता चल चला चल

लखबीर सिंह लक्खा
श्री राम भजन दुर्गा भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

छू ले जो माँ की चौखट को तो जर्रा भी सितारा हो जाए,

जहाँ जिक्र हो माँ का मंगल हो जन्नत का नजारा हो जाए,

मैया के दर पे, हर शक्ति आकर के शीश झुकाती है,

सारी दुनिया माँ के दर पे कष्टों से मुक्ति पाती है।

रखके मन में विश्वास, नाम मैया का ले ले तेरे काम आएगा राम,

टूटे ना आस चल चला चल ओ भगता चल चला चल,

युग युग से माँ शेरावाली तार रही है दुनिया को,

जाओ अपनी बिगड़ी बना लो सवार रही है दुनिया को,

माँ का बन जा तू दास माँ का बन जा तू दास,

नाम मैया का ले ले .........

तन मन कर दे माँ को अर्पण मैल दिलो के धोती माँ,

भर देती है घर खुशियो से जिसपे खुश होती है माँ,

रहने दे ना उदास रहने दे ना उदास,

नाम मैया का ले ले..........

जिसके घर में सच्चें मन से माँ का पूजन होता है,

वो घर घर ना समझो भैया वो एक मंदिर होता है,

रहता एक दम उल्लास रहता एक दम उल्लास,

नाम मैया का ले ले........

जय माता की कहता चल ‘लख्खा’,खुल जाए किस्मत तेरी भी,

जैसे सुनती भक्तो की, वैसी सुनेगी तेरी भी,

फिर तू ना हो निराश, फिर तू ना हो निराश,

नाम मैया का ले ले........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।