गौरी के लाड़ले महिमा तेरी महान

लखबीर सिंह लक्खा
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गौरी के लाड़ले महिमा तेरी महान,

करता है सबसे पहले पूजा तेरी जहान,

गौरी के लाड़ले महिमा तेरी महान,

चंदन चौकी पे बिराजे दाता गजशिश धारी,

शीश स्वर्ण मुकुट गले मोतियन माला प्यारी,

रिद्धि सिद्धि अंग संग छवि सबसे है न्यारी,

भोग लड्डुवन का लगे करे मूसे की सवारी,

पुरे हो काम तब ही पहले तुम्हारा ध्यान,

गौरी के लाडले महिमा तेरी महान,

माता गौरी जी के लाल शिव भोले के दुलारे,

रखे भक्तो की लाज काज बिगड़े सवारे,

अन धन ज्ञान मान से वो भरते भंडारे,

तेरा नाम सरल जो भी मन से पुकारे,

बिन मांगे लख्खा पाए मुंह माँगा तुमसे दान,

गौरी के लाड़ले महिमा तेरी महान,

करता है सबसे पहले पूजा तेरी जहान,

गौरी के लाडले महिमा तेरी महान,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।