दुखियो के दाता भोले नाथ भगवन

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

दुखियो के दाता भोले नाथ भगवन,

तुझको छोड़ कहा जाओ मैं,

पुजू कौन भगवन,

दुखियो के दाता भोले नाथ भगवन,

सतय वान को कैसे भगवन दिया जीवन का दान,

सुहाग मेरा लौटा दो प्रभु मांगू ये वरदान,

पूजा भक्ति मैं न जानू जानू तेरा नाम,

तुझको छोड़ कहा जाओ मैं......

वाण लगा जब लक्ष्मण को तो संजीवनी मंगवाई,

मेरी बात प्रभु क्यों तूने इतनी देर लगाई,

मेरी बार प्रभु तूने क्यों इतनी देर लगाई,

जो तू चाहे बसम बने संजीवनी समा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।