भोले के चरणों में ध्यान अपना लगा ले

लखबीर सिंह लक्खा
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले के चरणों में ध्यान अपना लगा ले,

सुखदाई है ये नाम जप रे मन रात दिन,

बोलो बम बम बोलो हर हर बम बम बोलो।।

अंग भभूति रमाये है,माथे पे चंदा सुहाए है,

गंगा जटाओ में समाये है, विषधर गले में लिपटाये है,

भोले के चरणों में ध्यान अपना लगा ले

कोई उनको अविनाशी कहता है,

कोई भोले ही भोले जपता है,

मान जाये बस थोड़ी भक्ति से,

भोले भक्तो के अंग संग रहता है,

भोले के चरणों में,ध्यान अपना लगा ले

नाम भोले का जो भी गायेगा,

बिगड़ी पल में बाबा बनाएगा,

सुनते है सबकी विनती भोले जी,

नैया तो भव से पार लगाएगा,

भोले के चरणों में,ध्यान अपना लगा ले,

भोले का डमरू डम डम डम बोले,

ओढ़े बाघंबर खाये भंग गोले,

तू भी ‘सरल’ भोले का होले,

‘लख्खा’ जीवन में ना डोले,

भोले के चरणों में,ध्यान अपना लगा ले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।