लाज रखो साई नाथ शिरडी वाले

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॥ पावन पाठ ॥

लाज रखो साई नाथ शिरडी वाले,

भक्तो का देदो साथ शिरडी वाले,

मेरे साई फकीरी में भी तुमने बादशाहत की,

दया से प्रेम से किरपा से हर दिल पर हकूमत की,

किया है जिसपे साया उसकी दुनिया ही बदल डाली,

नसीबा उसका चमकाया नजर की जिसपे रेहमत की,

लाज रखो साई नाथ शिरडी वाले,

तुम्हारे नाम की घर घर फैली रोशनी देखि,

तुम्हारी भीख तो चारो तरफ बटती हुई देखि,

जुदा सबसे तुम्हारी देन शिरडी के सफी देखि,

तुम्हे देते नहीं देखा मगर झोली भरी देखि,

लाज रखो साई नाथ शिरडी वाले,

बदली दुखो की छाई कश्ती ववर में आई,

देते हम तड़प कर सरकार की दुहाई,

मुँह हर किसी ने फेरा तूफ़ान ने हमको गेरा,

मायूसियों का बाबा है मेरे घर में डेरा,

बढ़ कर हमें संभालो मझधार से निकालो,

तुम पार कार्डो बेडा तूफ़ान से बचा लो,

लाज रखो साई नाथ शिरडी वाले,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।