सिमरो गणपति गौरा नंदन

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

सिमरो गणपति गौरा नंदन जेहड़ा बंदन कटदा,

तुम हो बल बुद्धि के दाता पर्दा खुले घटदा ,

गौरा करन गयी अशनान बालक खड़ा रहा सावधान,

बेटा रखना मेरा ध्यान पर्दा खुले ना घटदा,

सिमरो........

शिवजी जु जु अंदर आवे बालक माथे बट पावे,

अंदर माता मेरी नहावे पर्दा खुले ना घटदा,

सिमरो.......

शिवा जो क्रोध मन विच आया,

चूक त्रिशूल गल विच पाया,

बालक नु मार गिराया पर्दा खुले ना घटदा,

सिमरो......

गौरा कहती है भगवान मेरा पुत्र करो साफदान,

मेरे निकल रहे है प्राण मेरा जिया है घटदा,

सिमरो......

जिथे होवे कीर्तन मंडली पहले तेरा नाम आवे,

तैनू पूजे दुनिया सारी जेहड़ा बंदन कटदा,

सिमरो.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।