भोले शंकर की शरण में आ

लखबीर सिंह लक्खा
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले शंकर की शरण में आ,

जीवन तेरा ये संवर जायेगा,

भव सागर में जो अटकेगा,

वो बेडा पार उतर जायेगा,

नाम मेरे शम्भू का इंसान जो एक बार लेता है,

वो है भोला भाला बदले में मुँह माँगा वर देता है,

उनकी दया जो हो जाये,

तेरा घर खुशियो से भर जायेगा,

भोले शंकर की शरण मे आ......

नाथ है नाथो का कैसा अनोखा रूप धारा है,

हाथ में भोले के जीवन मरण का खेल सारा है,

ध्यान लगा ले चरणों में

बाबा तुझ पर किरपा कर जायेगा,

भोले शंकर की शरण मे आ...

द्वार पर भोले के आके जरा एक बार अजमा ले,

मांगना फिर क्या है लख्खा फिर तू चाहे सो पाले,

ऐसे दयालु है भोले अरे ऐसे दयालु है भोले,

सब दुखड़े सरल तेरे हर जायेगा,

भोले शंकर की शरण मे आ....

भोले शंकर की शरण में आ,

जीवन तेरा ये संवर जायेगा,

भव सागर में जो अटकेगा,

वो बेडा पार उतर जायेगा...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।