जय हो मैया काली तु ही शेरावाली

पारंपरिक
महादेव भजन दुर्गा भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भक्त सब दर आवे बनके सवाली ,

जय हो मैया काली, तु ही शेरोवाली,

ब्रह्मा ,विष्णु , शिव भी तेरा हर पल ध्यान लगाते,

तेरी ज्योति से ही सब वेदों के ग्यान पाते,

तु ही लक्ष्मी , तु ही शारदा, तु ही विंध्यवाली

जय हो मैया काली , तु ही शेरोवाली,

हम भी पापी बैठे माँ तेरे ही द्वारे ,

बेसहारों को मिलता यहाँ से सहारे,

भक्त सब मस्ती में नाचे और बजाये ताली,

जय हो मैया काली, तु ही शेरोवाली,

सोहजाना गाँव में तेरा धाम मैया,

सबकी नाव पार लगाती बनके तु खैवेया,

दर्शन तेरा जो भी पाये, वो है भाग्यशाली,

जय हो मैया काली, तु ही शेरोवाली,

भक्त सब दर आवे बनके सवाली,

जय हो मैया काली, तु ही शेरोवाली,

प्रभाकर

माँ काली मंदिर

मालवीया नगर सोहजाना , गिद्वौर जमुई

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।