आज को सूरज

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विविध भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

आज को सूरज डोडो उगयो जुझार जी,

थांकी सुरता पर आयो , तावड़ो जुझार जी,

म्हारा सुसरा जी के नो लख , बिजनो जुझार जी,

हुकम करो तो ढोलू , बायरो जुझार जी,

आज को सूरज........

म्हारा जेठ जी के नो लख , बिजनो जुझार जी,

हुकम करो तो ढोलू , बायरो जुझार जी,

आज को सूरज..........

म्हारा लाल जी के नो लख , बिजनो जुझार जी,

आती जाती में ढोलू , बायरो जुझार जी,

आज को सूरज..........

चम्पा लाल हरि जस , गावे वो जुझार जी,

शरणे आया कि लजिया , राखो जुझार जी,

प्रजापति म्यूजिकल ग्रुप भीलवाड़ा (राज.) 89479-15979

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।