देव धणी को मन्दिर प्यारो

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन विविध भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

देव धणी को मन्दिर प्यारो , मालासेरी गाँव जी,

साडू मां का लाल थांको , जग में मोटो नाम जी,

जय जय गूंजे जी जयकारों थारा नाम को,

माह महीना में आप पधारिया , थावर रूड़ो वार जी,

कमल फूल अवतारी , किदो भक्ता को उद्धार जी,

जय जय गूंजे जी ...................

साडू माता गुजरी , तपस्या किन्ही भारी जी,

मालासेरी डुंगरिया में , आय मिल्या बनवारी जी,

जय जय गूंजे जी..................

धन्य मालासेरी डूँगरी , धन्य देमाली धाम जी,

धन्य साडू मां गुजरी , जोल्या में आया श्याम जी,

जय जय गूँजे जी.................

मां साडू का लाडला थें , भुणा जी का बीर जी,

बालपणा गाये चराता , खारी नदी की तीर जी,

जय जय गूंजे जी................

प्रजापति कैलाश आपको , प्यारो भजन बनायो जी,

चम्पा लाल मालासेरी वालो ,चरणा शीश जुकायो जी,

बेड़ो पार लगाओ जी , नारायण थांका दास को,

प्रजापति म्यूजिकल ग्रुप भीलवाड़ा (राज.) 89479-15979

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।