महिमा अप्रम पार है तेरी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

महिमा अप्रम पार है तेरी भोला तेरा नाम,

सुबह शाम मंदिर में आके करते तुझे परनाम,

जगत के पालनहार करो उधार हमारा,

दो हाथो को जोड़ के आये सबसे मुखड़ा मोड़ के आये,

जग से रिश्ता तोड़ के आये देख हमे हम दोहर के आये,

जगत के पालनहारा करो उधार हमारा,

महिमा अप्रम पार है तेरी भोला तेरा नाम

जो कोई तेरे द्वार पे पौंचे कम बने उसके बिन सोचे,

तू द्रिसका का सबको देखे तू लिखता है सबके लेखे,

जगत के पालनहारा करो उधार हमारा,

महिमा अप्रम पार है तेरी भोला तेरा नाम

जो प्राणी तेरा ध्यान करेगा तू उन सबके कष्ट हरे गा,

जो कोई तेरी टेक धरेगा भव सागर से वोही तरेगा,

जगत के पालनहारा करो उधार हमारा,

महिमा अप्रम पार है तेरी भोला तेरा नाम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।