कृष्णा कृष्णा आए कृष्णा जगमग हुआ रे अंगना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कृष्णा कृष्णा आए कृष्णा, जगमग हुआ रे अंगना।

चाँद सूरज सितारे, झुके चरणों में सारे,

आज झूम झूम गाए यमुना॥

नयन चाहिए राधा जी के, मीरा का मन मतवाला,

कण कण में फिर नन्द का लाला, हो जो देखने वाला।

माँगना क्या इस द्वार पे आकर आँचल क्या फैलाना,

तेरे मन में क्या है, उसने बिन मांगे सब जाना।

अंत में सत्य की जीत हुई है, झूठ हमेशा हारा,

चक्र उठा के हाथ में तुने, बदली समय की धारा।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।