तेरे पागलो में गिनती होनी चाहिए,

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कबूल मेरी विनती होनी चाहिए,

तेरे पागलो में गिनती होनी चाहिए,

तेरे नाम का लेके सहरा चलता है परिवार हमारा,

कमी नहीं कोई होनी चाहिए ,

तेरे पागलो में गिनती होनी चाहिए,

तेरे सहारा चली जीवन नाइयाँ,

आप संभालो बांके खिवैयाँ,

नैया मेरी पार दाता होनी चाहिए,

तेरे पागलो में गिनती होनी चाहिए,

दुनिया की परवाह नहीं कोई,

जो मर्जी तहनु समजे कोई,

नाम खुमारी चढ़ी होनी चाहिए

तेरे पागलो में गिनती होनी चाहिए,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।