दादी आज आपका हाल जानने आये है

पारंपरिक
श्री राम भजन रानी सती दादी भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

अखिया न चुराओ दादी मांगने ना आये है,

हम तो दादी आज आपका हाल जानने आये है,

बोलो बोलो मावड़ी आप कैसे हो,

इतना काम करोगे तो दादी तुम थक जाऊगी,

एक पल की न फुर्सत दादी खाना कब खाओ गई,

थोड़ा तो आराम करो जी के समझाने आये है,

हम तो दादी आज आपका हाल जानने आये है,

बोलो बोलो मावड़ी आप कैसे हो,

थक जाओ तो कह देना मैं पैर तेरे दबा दूंगी,

भाव भरे भजनो की दादी लोरियां सुना दूंगी,

तेरी सेवा करने दद्दी तेरे बच्चे आये है,

हम तो दादी आज आपका हाल जानने आये है,

बोलो बोलो मावड़ी आप कैसे हो,

अपनी भी तू सोच रे दादी बचो की ये अर्जी है,

कहना हमारा फर्ज है दद्दी आगे तेरी मर्जी है,

कोई की मेरा सब है तेरा ये जतलाने आये है,

हम तो दादी आज आपका हाल जानने आये है,

बोलो बोलो मावड़ी आप कैसे हो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।