मैया तेरे मंदिर की कितनी है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैया तेरे मंदिर की कितनी है अच्छी कहानी,

एक तू शेरावाली दूजी वैष्णो रानी,

मैया तेरे मंदिर की.....

एक ही आवाज पे मैया मुस्कुराई,

एक को भुलाया और दोनों चली आई,

एक पड़े की दो जैसे ढाली,

एक तू शेरावाली दूजी वैष्णो रानी,

मैया तेरे मंदिर की.....

तेरे कूट पर्वत पे मैया जी विराजे,

एक की चूड़ी दूजी की पायलियाँ बाजे,

दोनों की महिमा है निराली,

एक वैष्णो रानी दूजी शेरोवाली,

मैया तेरे मंदिर की.....

दुर्गा है दोनों मैया दोनों है भोली,

दोनों ही मिलके भरे भक्तो की झोली,

दोनी की आँखे प्यार वाली,

सरसवती लक्ष्मी काली दूजी वैष्णो रानी,

मैया तेरे मंदिर की.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।