एक बार मैरे भोले घर मेरे चले आना

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

एक बार मैरे भोले, घर मेरे चले आना,

किस्मत मेरी सोई है, भोले आकर जगह जाना,

श्रीराम ने गुड़ गाकर, भोले तुमको मनाया था,

जीती थी तभी लंका, रावण को हराया था,

आती ना हमें भक्ति, भोले आकर बता जाना,

एक बार मेरे भोले, घर मेरे चले आना,

हम भांग धतूरा भी, भोले तुमको चढ़ा देंगे,

जैसा बने वैसा, हम भोग लगा देंगे,

दुखिया की अरज सुन ले, कहे तेरा दीवाना है,

एक बार मेरे भोले, घर मेरे चले आना,

एहसान तेरा हम तो, कई जन्मों ना भूलेंगे,

तुझको ही सदा भोले, हर जन्म पूजेंगे,

किस्मत मेरी सोई है, भोले आकर जगह जाना,

एक बार मेरे भोले, घर मेरे चले आना,

लेखक. सुनील यादव

ग्राम पिपलिया जाहिर पीर

मोबाइल नंबर 744034 08611

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।