जगत का रखवाला भगवान्

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

दोहा: जो भी चाहे मांग ले, भगवान् के भण्डार से,

कोई भी जाए ना खाली हाथ इस दरबार से।

जगत का रखवाला भगवान्,

अरे इंसान उसे पहचान।

सब के सर पर हाथ उसी के, उस के हाथ करोड़,

हरी नाम के मूर्ख प्राणी, मन की डोरी जोड़।

भूल के उसको भटक रहा क्यूँ डगर डगर नादान॥

छोड़ शरण दुनिया की बन्दे, प्रभु चरणो में आ,

करने वाला करेगा न्याय मन की विपत सुना।

हो जायेगी राम नाम से हर मुश्किल आसान॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।