साई साई बोले जा

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

साई साई बोले जा तू साई साई बोले जा,

श्रद्धा सभुरी के पलड़े में कर्म तू अपने तोले जा,

साई साई बोले जा..

तू मदत किये जा दुखियो की तेरी मदत करने वो आएगा,

भूले भटके को राह दिखा वो मंजिल तुझे दिखाए गा,

उसे पाना है तो पलकों में आंसू ओरो के पिरोये जा,

साई साई बोले जा ........

साई के बचन रख याद सदा मजबूर की सुन फर्याद सदा,

कर सच के हक़ में बात सदा तेरे रहे गए साई नाथ सदा,

वो बचो की मुश्कान में है मंदिर मस्जिद न टोले जा,

साई साई बोले जा....

मोहन साई मौला साई आल्हा साई भोला साई,

सब साई में सब में साई रब साई में रब में साई,

साई नाम का उमरथ अपनी सांसो में तू गोले जा,

साई साई बोले जा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।