गौरा जी के लाल गजानन झूलेंगे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गौरा जी के लाल गजानन झूलेंगे ॥

गौरा मात ने जनम दियो है ॥

शंकर दिया तेरा नाम गजानन झूलेंगे,

गौरा......

चन्दन का टीको बनो रे पालना ॥

रेशम की लागी डोर गजानन झूलेंगे,

गौरा......

गौरा झुलावे देवा झूले ॥

शंकर देत हिलोक गजानन झूलेंगे,

गौरा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।