श्याम दीवाने आये

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम दीवाने आये झूमे सब नाचे गाये,

खाटू नगरी में हुआ अज़ाब धमाल,

हाथी गोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की,

हरा पीला नीला रंग उड़ा रे गुलाल,

गूंज रही खाटू की गलियां चम चम चमक रही है बिजलियाँ,

जैसे महक उठी है कलियाँ,

हारे का सहारा श्याम लागे प्यारा प्यारा श्याम,

शंख नगाड़ा बाजे बाजे खदिआल,

हरा पीला नीला रंग उड़ा रे गुलाल,

कोई आगे कोई पीछे,

देखो यहाँ भी ऊपर निचे,

फिरक रहे है पाओ सभी के,

आओ मिलाये ताल से ताल,

हाथी गोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की,

हरा पीला नीला रंग उड़ा रे गुलाल,

चढ़ गई श्याम नाम की खुमारी,

रास रसियां बांके बिहारी जाऊ तोपे वारि वारि,

भर के उमग में श्याम जी के संग में,

ता ता थियाँ करे धमाल,

हाथी गोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की,

हरा पीला नीला रंग उड़ा रे गुलाल,

आज सुहाना दिन है आया,

श्याम धनि ने दर पे भुलाया,

मायापति की अद्भुत माया,

श्याम जी के दर से खुशियां भरसे कृष्ण ज्योति बहुत निहाल,

हाथी गोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की,

हरा पीला नीला रंग उड़ा रे गुलाल,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।