जब तुझे दिल से भुलाने की कसम खाई है,

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जब तुझे दिल से भुलाने की कसम खाई है,

और पहले से भी जादा तेरी याद आई है,

अब तो आ जाओ मेरे पास कोई गेर नही,

आप की याद और ये सभे तन्हाई है ,

जब तुझे दिल से भुलाने..........

आईना सामने रखी के मेरे सामने कातिल ने कहा ,

तेरी तरहा तेरी तस्वीर भी हरजाई है ,

जब तुझे दिल...

जीते जी तूने ना समजा मेरी चाहत का सबक,

आज आये होक जब जान पर बन आई है,

जब तुझे दिल से भुलाने

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।