सुनले सुनले मेरे भोले बाबा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सुनले सुनले मेरे भोले बाबा,

बंदा तेरा लाचार ओ शम्भू कैसे औ तेरे द्वार,

ओ शम्भू कैसे करू तेरे दीदार,

उचे पर्वत पर तेरा डेरा पाओ नही एक मेरा,

काली घटाए मुझको डराए तूफानों ने है गेरा,

ओ कलेशी घट घट वासी,

मुझको भी दो दीदार,

ओ शम्भू कैसे करू तेरे दीदार,

तेरी लीला तू ही जाने कोई समज ना पाया,

किसको कब क्या कैसे मिलेगा सबका नसीब भ्लाया,

जग को नाचने वाले इश्वर मेरा भी भाग्य सवार,

ओ शम्भू कैसे करू तेरे दीदार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।