तुम दिल से पुकारोगे

अभिषेक कश्यप
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तुम दिल से पुकारोगे माँ दौड़ी चली आएगी

आपने इन भगतो को मईया दर्श दिखायेगी

माँ जानती है सबको पहचानती हैं सबको

किसको क्या देना है माँ देके चली जायेगी

तुम दिल से,,,,,,,,,,,,,,,,,,

हम बालक तेरे है मैया तुम्हें बुलाते है

हमको तो यकीन है माँ आके दर्श दिखयेगी

तुम दिल से,,,,,,,,,,,,,,,,,,

ये अश्को की धारा मैया तुम्हें बुलाती है

इस उजड़े जीवन में मईया फूल खिलायेगी

तुम दिल से,,,,,,,,,,,,,,,,,

लेखक :अभिषेक कश्यप

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।