राम भजन कर मन

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम भजन कर मन,

ओ मन रे कर तू राम भजन।

सब में राम, राम में है सब,

तुलसी के प्रभु, नानक के रब्ब।

राम रमईया घट घट वासी,

सत्य कबीर बचन॥

राम नाम में पावत पावन,

रवि तेज्योमय चन्द्र सुधा धन।

राम भजन बिन ज्योति ना जागे,

जाए ना जीय की जरन॥

नाम भजन में ज्योति असीमित,

मंगल दीपक कर मन दीपित।

सकल अमंगल हरण भजन है,

सकल सुमंगल करन॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।