कब आओगे

लखबीर सिंह लक्खा
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कब आओगे,कब आओगे कब आओगे,

लाज मेरी लूट जाएगी,

क्या तब आओगे,

देर ना हो जाए कहीं,

आजा रे लाज ना मेरी लूट जाए,

देर क्यूं लगाए श्याम,

देर क्यूं लगाए......

सुना है लाज तुमने कितनो की बचाई है,

और बिगड़ी भी सुना लाखों की बनाई है,

देर ना हो जाए कहीं देर ना हो जाए,

आजा रे लाज ना मेरी लूट जाए,

देर क्यूं लगाए श्याम.......

जब भक्त की तेरे लाज गई,

तब क्या होगा फिर आने से,

जब खेती सुख गई,

तो क्या होगा अमृत बरसाने से,

देर ना हो जाए कहीं,

आजा रे लाज ना मेरी लूट जाए,

देर क्यूं लगाए श्याम.........

अब तो अपने सभी हो गए पराए,

बैठे सब है यहाँ सर को झुकाए,

दुशाशन खींचे मेरी साड़ी सभा में,

इज्जत मेरी बचे ना बचाए,

सारी दुनिया के आगे बदनाम मोहन हो जाओगे,

मैं जान दे दूंगी जो तुम नहीं आओगे,

देर ना हो जाए कहीं,

आजा रे लाज ना मेरी लूट जाए,

देर क्यूं लगाए श्याम.......

अब तो होता नहीं सबर आजा,

लेने द्रोपती की खबर आजा,

‘शर्मा’ बेचेन है दर्शन के लिए,

देर से ही मगर आजा,

दुःख की घडी है आजा,

विपदा पड़ी है आजा,

नैया भंवर में मेरी,

आकर पड़ी है आजा,

देर ना हो जाए कहीं,

आजा रे लाज ना मेरी लूट जाए,

देर क्यूं लगाए श्याम.........

गव्वो की कसम है,

तुझे ग्वालों की कसम है राधा की कसम है,

तुझे रुक्मणि की कसम है,

आजा के तेरे भक्तो की कसम है,

देर ना हो जाए कहीं,

आजा रे लाज ना मेरी लूट जाए,

देर क्यूं लगाए श्याम......

आजा ओ मोहन तेरी बहना पुकारती है,

बहना पुकारती है बहना पुकारती है,

लाज बचा जा तेरी बहना पुकारती है,

सुन के पुकार श्याम आए है,

लाज बहना की वो बचाए है,

थक गया दुष्ट दुशाशन तो भी,

ढेर साड़ी को वो लगाए है,

सुन के पुकार श्याम आए है,

लाज बहना की वो बचाए है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।