मोहे आन मिलो श्याम बहुत दिन बीत गए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मोहे आन मिलो श्याम, बहुत दिन बीत गए।

बहुत दिन बीत गए, बहुत युग बीत गए ॥

राह तकत के हारी अँखिआ, फिर भी आस लगाए यह अँखिआ ।

अब आई जीवन की श्याम, बहुत दिन बीत गए ॥

राधा की अँखियन के तारे, मन हर मोहन नन्द दुलारे,

मेरे मन में बस जाओ श्याम, बहुत दिन बीत गए ॥

ओ चित्त चोर मुरलिया बजा दे, तन मन की सुध बुध बिसरा दे ।

तुम भक्तो के हो सुखधाम, बहुत दिन बीत गए ॥

नरसी की थी हुंडी तारी, मुझको केवल आस तिहारी ।

तुम मीरा के गिरिधर श्याम, बहुत दिन बीत गए ॥

तू दाता मैं तेरा भिखारी, इष्टदेव तू मैं तेरा पुजारी ।

अब अनंत विकल भए प्राण, बहुत दिन बीत गए ॥

राधा की अखियन की तारे, मेरे भी बन जाओ सहारे।

ओ भक्तो के भगवान्, बहुत दिन बीत गए॥

मुरली वाले मुरली बजा जा, सोए हुए मेरे भाग्य जगा जा।

ओ मीरा के भगवान्, बहुत दिन बीत गए॥

मन मंदिर में रास रचा जा, रूप सांवला दरश दिखा जा।

जीवन की हो गयी श्याम, बहुत दिन बीत गए॥

नरसी भकत की हुंडी स्वीकारी, सांवल शाह बन आए मुरारी ।

नरसी के सवारे काम, बहुत दिन बीत गए॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।