हे श्याम तेरी बंसी पागल कर जाती है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हे श्याम तेरी बंसी पागल कर जाती है,

मुस्कान तेरी मीठी घायल कर जाती है।

सोने की होती जो, ना जाने क्या करती,

जब बांस की होकर यह दुनिया को नचाती है।

तुम गोरे होते जो, ना जाने क्या करते,

जब काले रंग पे यह दुनिया मर जाती है।

कभी रास रचाते हो, कभी बंसी बजाते हो,

कभी माखन खाने की मन में आ जाती है।

जय गोविंदा जय गोपाला,

मुरली मनोहर मुरली वाला।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।