आ बैठ मेरी गोदी में तुझको निहार लू

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आ बैठ मेरी गोदि में ,तूझको निहार लू,

हाय नजर न लग जाये तुझको,तेरी नजर उतार लू ,

तू सूरज है तू चंदा है, मेरी आँखों के तारे,

आँचल में छिपजा लाडले,ओ दुनिया से न्यारे,

किस्मत तू मेरो लाला, तुझपे ये जग वार दु,

हाय नजर न लग .....

तेरे मोटे मोटे नैना तरी तोतली ज़बान, तेरी तोतली जबान,

मैं आनन्द मे हो जाती , मैं आनंद में हो जाती जब कहता हैं तू माँ ,

सावरिया मेरे प्यारे तुझे इतना दुलार दु ,

हाए नज़र न लग जाये...........।2।

आ बैठ मेरी ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,।2।

सावरिया तेरी सावरी सूरत कमाल है तेरी सूरत कमाल है

दुनिया में नही किसी की तेरी ठुमकी की चाल है,

ये दिल नही भरता है , ये दिल नही भरता है

जन्म तुझको हर बार दु ,

हाए नज़र न लग जाए........

सावरिया तेरे दर्शन को भोले भी आ गए , भोले भी आ गए हैं

टीका लगा दू स्याही का, मेरा मनवा ये कहे मेरा मानव ये कहे

दरसन कर नर भागी , मै जीवन सवार लू ,ये जीवन सवार लू

हाय नजर न लग जाय........

नंदबाबा का तू लाडला,यसोदा का दुलारा,

उन दोनो की आँख का तारा है, जीवन का सहारा है,

बलैया लेलु लाड़ले बलैया लेलु लाड़ले हर नजर से बचालू,

हाय नजर न लग जाय.............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।