मेरा बाबा खाटू वाला खोले किस्मत का ताला,

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरा बाबा खाटू वाला खोले किस्मत का ताला,

जो दर पे आया उसका बेडा पार हो गया,

ये वीर बली से बाबा लखदातार हो गया,

मेरा बाबा खाटू वाला.......

मान किया का दुर्गे माँ की पहरा खूब लगाया,

कुदरत की फिर करनी देखो भीम बली टकराया,

हारा वो कुंती लाला तुम्हे कौन हारने वाला,

जो दर पे आया उसका बेडा पार हो गया,

ये वीर बली से बाबा लखदातार हो गया,

मेरा बाबा खाटू वाला.......

फिर क्या के सागर के किनारे धुनि खूब रमई,

देख बली की भक्ति को माँ दुर्गे हरसाई,

तीन बाण दानुष दे डाला जीतो सृष्टि मेरे लाला,

जो दर पे आया उसका बेडा पार हो गया,

ये वीर बली से बाबा लखदातार हो गया,

मेरा बाबा खाटू वाला.......

राण भूमि में फिर आ कर के चमत्कार दिखलाये,

एक बाण से बर्बरीक ने पाते छेद दिखलाये,

फिर शीश दान दे डाला फिर बन गया खाटू वाला,

जो दर पे आया उसका बेडा पार हो गया,

ये वीर बली से बाबा लखदातार हो गया,

मेरा बाबा खाटू वाला.......

खाटू में आन विराजे श्याम का रूप कहाये,

मनोकामना पूरी होती दवार जो इसके आये,

लक्खा है रखवाला राज पल जपता इनकी माला,

जो दर पे आया उसका बेडा पार हो गया,

ये वीर बली से बाबा लखदातार हो गया,

मेरा बाबा खाटू वाला.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।