जागो जागो भवानी सुबह हो गई

लखबीर सिंह लक्खा
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

देखो सूरज की किरणे बिखरने लगी रंग भरने लगी,

जागो जागो भवानी सुबह हो गई,

भीड़ भक्तो की आई माँ तेरे द्वार पर सबपे उपकार कर,

जागो जागो भवानी सुबह हो गई....

देखो चलने लगी ठंडी पुरवाई माँ,

तेरे द्वारे बजी मीठी शहनाई माँ,

साथ में ढोल भी माँ बजने लगे,

क्यों ना माँ तू जगे,

जागो जागो भवानी सुबह हो गई....

भोरें गाने लगे खिल गई हर कली,

इक खुशबु सी है हर तरफ संदली,

फूल चुन चुन के मालन लाने लगी,

दर सजाने लगी,

जागो जागो भवानी सुबह हो गई,

जागे किस्मत मेरी जो तू खोले नयन,

लगी भक्तो को तेरे दरश की लगन,

खोलो अंखिया ओ मईया विनती करूँ,

चरणों को चुम लूँ,

जागो जागो भवानी सुबह हो गई,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।