चाँदी के दरवाजे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चाँदी के दरवाजे तेरे फूलो का शृंगार,

एक तू ही धनवान हो बाबा सांवरिया सरकार,

बदल बदल कर बागा पहने काजल खूब लगाए,

कजरारी आखियो से बाबा पागल खूब बनाये,

नजर कही लग जाये ना तुझको लाउ नजर उतर,

एक तू ही धनवान हो बाबा सांवरिया सरकार,

प्रेम का झाल बिछा कर बाबा सबको काबू करता,

इतर की खुशबु से बाबा मन बेकाबू करता,

छैन छबीले सांवरिया तू है तो बड़ा कमाल,

एक तू ही धनवान हो बाबा सांवरिया सरकार,

सोना चाँदी हीरे मोती धूलि तेरे दर की,

डयोढ़ी पे हनुमान विराजे शोभा तेरे दर की,

बाये गोपी नाथ विराजे संग राधा सरकार,

एक तू ही धनवान हो बाबा सांवरिया सरकार,

तू जिस रस्ते से गुजरे वो फूलो से भर जाए तेरी एक मुश्कान से बाबा लाखो दिल खिल जाये,

कहे कन्हियान सुन सवारियां तेरे दर की है धकार,

एक तू ही धनवान हो बाबा सांवरिया सरकार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।