माला साई नाम की

लखबीर सिंह लक्खा
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

मैं तो करू यात्रा निस दिन चारो धाम की,

क्योंकी मेरे गले में पड़ी है माला साई नाम की,

साईं का मैं पुजारी जाने ये दुनिया सारी,

उपकार मेरा उन पर उनका मैं हु अबहारी,

मेरे मन में वसी हिया छवि साईं राम की,

मैं तो करू यात्रा निस दिन...

करता जो उनकी भक्ति हर दुःख से मिलती मुक्ति,

साईं है मेरे स्वामी अद्भुत है उनकी शक्ति,

साईं साईं की रट है जी बड़े काम की,

मैं तो करू यात्रा निस दिन...

साईं को जब पुकारा उस पल मिला सहारा,

पल भर में भाव से मुझको लक्खा मिला सहारा,

साईं मूरत में है सुरत घनश्याम की,

मैं तो करू यात्रा निस दिन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।