भीख नहीं मुझे चाहिए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भीख नहीं मुझे चाहिए दो मेरा अधिकार,

मैं नालायक हु बेटा पर तू तो समझदार,

भीख नहीं मुझे चाहिए दो मेरा अधिकार,

सारे जगत के जगत पिता हो सबने यही बताया है,

इसी लिए ये पुत्र तुम्हारा हक़ लेने हो आया है,

जो कुछ है पास तुम्हारे मैं हु उसका हकदार,

भीख नहीं मुझे चाहिए दो मेरा अधिकार

कैसे पिता हो तुम सांवरियां तरस नहीं तुम्हे आता है,

तेरे सामने पुत्र तुम्हारा नैन से नीर बहाता है,

तू भोग लगाए छपन भूखा मेरा परिवार,

भीख नहीं मुझे चाहिए दो मेरा अधिकार,

पिता पुत्र के इस रिश्ते को जग में नहीं बदनाम करो,

जो हक़ में आता है मेरे वो अब मेरे नाम करो,

मैं भीख नहीं मांगू गा आकर के यहाँ हर बार,

भीख नहीं मुझे चाहिए दो मेरा अधिकार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।